पिछली कड़ी में आपने जाना कि किस तरह पानीपत (Panipat) में सदाशिवराव भाऊ ने बलिदान दे दिया। इतिहास में मात्र एक दिन में लड़ा गया भीषण युद्ध मराठों की हार के साथ खत्म हुआ। इस कड़ी में PehlaPanna पर जानें कि युद्ध के बाद क्या हुआ।

Third Battle Of Panipat : दसवीं किस्त - क्या था दो मोती टूट गए, दस-बीस अशर्फियां तबाह हो गईं, खुदरे रुपयों की तो गिनती ही नहीं का मतलब
Updated AtMonday, December 01, 2025 at 10:00 AM