पिछली किस्त में आपने जाना कि कैसे वीर दत्ता जी शिंदे अफगानों और रोहिलों के अचानक हमले में वीरगति को प्राप्त हुए। मराठों ने कुंजपुरा के किले को हासिल करके रसद सामाग्री हासिल करली थी। पानीपत युद्ध की 263 वीं बरसी पर आपसे इस युद्ध के अनसुने किस्से आपके सामने लाएगा Pehlapanna.com, हरियाणा के रोड़ मराठा 14 जनवरी 2024 को शौर्य दिवस मना रहे हैं।

Third Battle of Panipat : तीसरी किस्त- अहमद शाह अब्दाली की शर्तों को सदाशिवराव भाऊ ने नहीं किया स्वीकार, पढि़ए ये अनसुनी कहानी
Updated AtWednesday, July 30, 2025 at 10:49 AM