1761 की जंग में बाजीराव और मस्तानी के पुत्र शमशेर बहादुर ने भी भाग लिया था। शमशेर बहादुर जब अंतिम सांस ले रहे थे, तब भाऊ को ही पुकार रहे थे। अवसर होते हुए भी उन्होंने मराठा सेना और भाऊ का साथ नहीं छोड़ा। PehlaPanna पर पढि़ए पूरी कहानी।

Third Battle of Panipat : बाजीराव-मस्तानी के पुत्र शमशेर बहादुर अंतिम समय में भाऊ-भाऊ ही पुकारते रहे
Updated AtSunday, April 05, 2026 at 4:49 AM