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शौर्य दिवस 14 जनवरी- पहली किस्‍त : बेटे का बदला लेने आया था अब्‍दाली, इस्‍लाम की सेना का नाम लेकर शुजा को अपने पाले में ले लिया था

पानीपत (Panipat) में हुए तीन युद्धों ने भारत के राजनैतिक और सामाजिक इतिहास को बदल के रख दिया था। 1761 में हुए तृतीय युद्ध की 263वीं बरसी पर Pehlapanna.com 14 जनवरी तक मराठा शौर्य, इस युद्ध के कारण, मायनों के साथ ही पानीपत जिले में युद्ध और वीरों की निशानियों की चर्चा आपके साथ करेगा। पानीपत में शौर्य स्‍मारक ट्रस्‍ट के सदस्‍य 14 जनवरी को युद्ध स्‍थल काला अंब में वीर मराठों को महाश्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। अनिकेत पांडेय की रिपोर्ट।

विश्‍लेषण पन्‍ना
शौर्य दिवस 14 जनवरी- पहली किस्‍त : बेटे का बदला लेने आया था अब्‍दाली, इस्‍लाम की सेना का नाम लेकर शुजा को अपने पाले में ले लिया था, Pehla Panna

शौर्य दिवस 14 जनवरी- पहली किस्‍त : बेटे का बदला लेने आया था अब्‍दाली, इस्‍लाम की सेना का नाम लेकर शुजा को अपने पाले में ले लिया था

ByDigital Desk

Updated AtSaturday, January 27, 2024 at 9:42 AM

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