जय सियाराम। PehlaPanna पर प्रत्येक मंगलवार को आप पढ़ रहे हैं सुंदरकाण्ड की महिमा। धर्माचार्य लाल मणि पाण्डेय आपको सुंदरकाण्ड के दोहों और चौपाइयों का रहस्य समझा रहे हैं। आज 44वीं किस्त और 44वें दोहे में जानिये, भगवान की शरण में जाना है तो मन निर्मल रखना होगा। छल और कपट से दूर होना होगा। तीर्थों का फल भी इसलिए नहीं मिलता, क्योंकि हम निर्मल भाव से नहीं जाते।

Sundara Kanda Katha in Hindi.
Updated AtWednesday, July 30, 2025 at 3:15 AM