जय सियाराम। PehlaPanna पर प्रत्येक मंगलवार को आप पढ़ रहे हैं सुंदरकाण्ड की महिमा। धर्माचार्य लाल मणि पाण्डेय आपको सुंदरकाण्ड के दोहों और चौपाइयों का रहस्य समझा रहे हैं। आज 34वीं किस्त और 34वें दोहे में जानिये, जब हनुमान जी ने प्रभु श्रीराम से उनकी भक्ति की कृपा मांगी। इस संवाद को देवताओं ने भी सुना है।

Sundara Kanda दोहा-34 और जीवन दर्शन : हनुमान जी ने श्रीराम से क्यों मांगी निश्चल भक्ति, वानरों ने क्या किया, ये संवाद जिंदगी का सार भी है
Updated AtTuesday, March 04, 2025 at 4:01 AM