जय सियाराम। PehlaPanna पर प्रत्येक मंगलवार को आप पढ़ रहे हैं सुंदरकाण्ड की महिमा। धर्माचार्य लालमणि पाण्डेय आपको सुंदरकाण्ड के दोहों और चौपाइयों का रहस्य समझा रहे हैं। आज 22वीं किस्त और 22वें दोहे में जानिये, हनुमंत लाल जी, रावण को कहते हैं कि अहंकार छोड़कर मेरी बात सुनो। श्रीराम जी तुम्हारे अपराधों को भूल जाएंगे। जानिये क्या होता है वार्तालाप।

Sundara Kanda और जीवन दर्शन-22 : हनुमान जी ने रावण को बालि और सहसबाहु युद्ध क्यों याद कराया, किस तरह समझाया, हमें क्या सीख मिलती है जानिये
Updated AtMonday, December 02, 2024 at 10:07 PM