Sundara Kanda और जीवन दर्शन-7 : जब विभीषण को रामकथा सुनाते-सुनाते हनुमान जी के नेत्रों से छलक आए आंसू, जिह्वा, चंचल कपि और अस मैं अधम सखा सुनु मोहू पर रघुबीर का मर्म समझिये
जय सियाराम। PehlaPanna पर प्रत्येक मंगलवार को आप पढ़ रहे हैं सुंदरकाण्ड की महिमा। धर्माचार्य लालमणि पाण्डेय आपको सुंदरकाण्ड के दोहों और चौपाइयों का रहस्य समझा रहे हैं। आज सातवीं किस्त और सातवें दोहे में जानिये, विभीषण खुद को दीन-हीन बताते हैं। तब हनुमंत लाल जी कहते हैं- राम जी जिन पर कृपा कर देते हैं, उनके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
Sundara Kanda & Life

Sundara Kanda और जीवन दर्शन-7 : जब विभीषण को रामकथा सुनाते-सुनाते हनुमान जी के नेत्रों से छलक आए आंसू, जिह्वा, चंचल कपि और अस मैं अधम सखा सुनु मोहू पर रघुबीर का मर्म समझिये