पानीपत (Panipat) में 21 जनवरी की श्रीराम शोभायात्रा में समाज के प्रत्येक वर्ग ने अपनी आहुति डाली थी। सफलता के बाद नायकों का अभिनंदन तो किया गया लेकिन ऐसे नायकों को भूल गए, जिन्होंने सबसे ज्यादा योगदान दिया था। सिख प्रतिनिधियों को आमंत्रित ही नहीं किया गया। किरकिरी होने लगी तो अब डैमेज कंट्रोल किया जा रहा है। PehlaPanna पर पढ़ें बोबी दुआ की यह रिपोर्ट।

श्रीराम और पानीपत : शोभायात्रा की सफलता के असली नायकों को भूल गए थे, किरकिरी होने पर डैमेज कंट्रोल नीति शुरू, अब 26 को सिख प्रतिनिधियों को सम्मानित करेंगे
Updated AtThursday, January 25, 2024 at 6:15 AM