पंजाब (Punjab) के होशियारपुर (Hoshiarpur) में जन्मे सतिन्दर सरताज (Satinder Sartaaj) की गीतों की खूबसूरती ये है कि ये न केवल मन को सुकून देते हैं, बल्कि जिंदगी जीने का सही तरीका भी सिखाते हैं। PehlaPanna पर अब आपको सरताज के इन्हीं गीतों के लफ्जों के अर्थ बताएंगे। अगर आप इन शब्दों की गांठ बांध लेंगे तो जिंदगी उतनी ज्यादा खुलती जाएगी। नम्रता का गहना आपका स्थायी हो जाएगा।

Satinder Sartaaj Wisdom Words -1 : सरताज क्यों कहते हैं- कदी डोबिये न, जे न होवे तारना...असीं छाड्ता जीत्तना ते हारना, पढ़ें और जिंदगी को सरल बनाएं
Updated AtWednesday, July 17, 2024 at 4:17 AM