परमात्मा के साथ विलीन हो गए हैं राम रक्खा मनुजा। धर्म-कर्म की मूर्त राम रक्खा मनुजा का शुरुआती जीवन संघर्षों भरा रहा। अपने साथ परिवार और हजारों लोगों को समर्थ कर गए। 30 मार्च को आर्य सेवा सदन में रसम पगड़ी। PehlaPanna का भी पवित्र आत्मा को नमन।

दुखद : राम रक्खा मनुजा का ब्रेन ट्यूमर से देहांत, पाकिस्तान के गदर में बहन, मां, पिता, चाचा और भाई शहीद हो गए थे, बड़ी बहन राम रक्खा को लड़की बनाकर बचाकर लाई थी, गीता मंदिर में स्पीकर लगाते थे, फतेह चंद विज और हुकुमत राय शाह के साथ करते थे सेवा कार्य
Updated AtSaturday, March 23, 2024 at 12:35 AM