किसान आंदोलन में इस बार वो धार नहीं है, जो पिछले आंदोलन के वक्त थी। हरियाणा के गुरनाम सिंह चढ़ूनी (Gurnam Singh Charuni) इस आंदोलन में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हैं। वह कह चुके हैं कि आंदोलन के नेताओं से उनका डिस्प्यूट है। लेकिन वह किसानों के साथ हैं। इस पूरे प्रकरण पर पढ़े मनोज ठाकुर की यह रिपोर्ट।

Kisan Andolan News : इस बार अलग थलग क्यों पड़ गए गुरनाम सिंह चढूनी और राकेश टिकैत जैसे बडे़ नेता ?
Updated AtSaturday, February 17, 2024 at 6:39 AM