Sundara Kanda की महिमा-4 : हनुमंत लाल जी का मुक्का खाकर लंकिनी के होश ठिकाने आए, सत्संग को स्वर्ग और मोक्ष के सुख से भी क्यों बढ़कर बताया गया है, तात मोर अति पुन्य बहूता, देखेउं नयन राम कर दूता! पढ़ें और अपने स्वजनों को भी साझा करें
जय सियाराम। PehlaPanna पर प्रत्येक मंगलवार को आप पढ़ रहे हैं सुंदरकाण्ड (Sundara Kanda) की महिमा। धर्माचार्य लालमणि पाण्डेय आपको सुंदरकाण्ड के दोहों और चौपाइयों का रहस्य समझा रहे हैं। आज पांचवीं किस्त में जानिये, लंका प्रवेश से पहले हनुमान जी और लंकिनी के बीच हुआ आमना-सामना। लंकिनी की भेद बुद्धि का नाश करके हनुमान जी लंका में प्रवेश करते हैं।
Sundara Kanda & Life

Sundara Kanda की महिमा-4 : हनुमंत लाल जी का मुक्का खाकर लंकिनी के होश ठिकाने आए, सत्संग को स्वर्ग और मोक्ष के सुख से भी क्यों बढ़कर बताया गया है, तात मोर अति पुन्य बहूता, देखेउं नयन राम कर दूता! पढ़ें और अपने स्वजनों को भी साझा करें