Gurbani : नौवीं किस्त, नानक क्यों कहते हैं- परमात्मा आप मुझसे विस्मृत न हों, क्या अर्थ है- दूध बिन धेन...का और जीवन में क्या है महत्व
PehlaPanna पर आप प्रत्येक दिन सरदार कुलवंत सिंह के माध्यम से गुरबाणी पढ़ रहे हैं। आज कि किस्त में जानिये, कैसे हो सकता है परमात्मा से मिलन। प्रभु नाम की भक्ति के लिए क्या करना होगा। कबीर का दोहा कितना है महत्वपूर्ण।
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Gurbani : नौवीं किस्त, नानक क्यों कहते हैं- परमात्मा आप मुझसे विस्मृत न हों, क्या अर्थ है- दूध बिन धेन...का और जीवन में क्या है महत्व
Updated AtFriday, January 26, 2024 at 4:44 AM
