PehlaPanna पर आप सरदार कुलवंत सिंह जी के माध्यम से गुरबाणी पढ़ रहे हैं। पिछली किस्तों में आपने जाना कि किस तरह गुरु अर्जुन देव (Guru Arjan Dev) के बारे में उनके बचपने में ही जान गए थे गुरु अमर दास। बाबा बुढ़ा साहिब कौन थे। अब आगे...।

Gurbani 48वीं किस्त : भक्तों का ध्यान रखते थे गुरु अर्जुन देव, शाही इमारत की नींव साईं मियां मीर फकीर से रखवाई थी, जहांगीर के दरबार में होने लगा था विरोध
Updated AtFriday, June 28, 2024 at 10:37 AM