PehlaPanna पर आप प्रत्येक दिन सरदार कुलवंत सिंह जी के माध्यम से गुरबाणी पढ़ रहे हैं। बाबा बंदा सिंह बहादुर जी, उनकी पत्नी और चार साल के मासूम बेटे को मुगल बादशाह ने शहीद कर दिया। सैकड़ों सिखों का कत्ल किया। सिख इतने निडर थे कि उन्होंने इस्लाम की जगह मौत को चुनना पसंद किया। दो किस्तों में आपने बाबा बंदा सिंह बहादुर के बारे में पढ़ा। अंतिम किस्त में शहादत के बारे में जानिये।

Gurbani : 14वीं किस्त; बंदा सिंह बहादुर पर अंतिम किस्त- सिखों का बेरहमी से कत्ल हुआ, बाबाजी के सामने बेटे को शहीद किया, पर गुरु का नाम किसी ने नहीं छोड़ा, फफक उठेंगे आप भी
Updated AtFriday, February 02, 2024 at 4:18 AM