PehlaPanna पर आप प्रत्येक दिन सरदार कुलवंत सिंह जी के माध्यम से गुरबाणी पढ़ रहे हैं। आज जानिये, गुरु नानक देव जी ने कच्ची कंध यानी दीवार को भी युगों-युगों तक का आशीष दे दिया। भाई मरदाना अंतिम सांस तक गुरु जी के साथ रहा। पढ़िए ये ये किस्त।

Gurbani 20वीं किस्त - PehlaPanna पर रोज पढ़ें गुरबाणी; गुरु नानक जी का आनंद कारज, जब गुरु जी ने कच्ची दीवार पर मेहर कर दी, वहां अब है कंध साहिब गुरुद्वारा, भाई मरदाने को क्या आशीष दिया, जानिये
Updated AtMonday, February 12, 2024 at 2:13 AM