पंडितजी से ज्यादा नेताजी बनने की जल्दबाजी में हैं पानीपत (Panipat) के वेद पाराशर। भावपन इतना रहता है कि माइक पर धड़ाधड़ बोलते चले जाते हैं। बिना सोचे बोल जाने की वजह से वेद पाराशर कई बार सांसद संजय भाटिया को असहज कर चुके हैं। अब तो यह चर्चा होने लगी है कि कहीं वह मनोहर लाल के वोट ही न कटवा दें। पढ़ें PehlaPanna

PehlaPanna टिप्पणी : वेद पाराशर का भावपन कहीं भाजपा के वोट न कटवा दे
Updated AtThursday, March 21, 2024 at 9:41 PM